
मुंबई के प्रवासी ओड़िया समाज ने खोया अपना मार्गदर्शक, सहयोगी और आत्मीय व्यक्तित्व
मुंबई, 29 अगस्त। मुंबई और नवी मुंबई के प्रवासी ओड़िया समाज के लिए 28 अगस्त 2026 का दिन बेहद दुखद रहा। समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व, लेखक, समाजसेवी तथा महाराष्ट्र सरकार के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री गोपालचंद्र त्रिपाठी का 82 वर्ष की आयु में नवी मुंबई स्थित अपने आवास पर शांतिपूर्वक निधन हो गया। अंतिम समय में वे अपने परिवार के सदस्यों से घिरे हुए थे।
वर्ष 1968 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री त्रिपाठी ने प्रशासनिक सेवा में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। महाराष्ट्र सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए उन्होंने अपनी प्रशासनिक दक्षता का परिचय दिया। एक प्रख्यात लेखक के रूप में भी उनका साहित्य और समाज के प्रति योगदान उल्लेखनीय रहा।
हालांकि उनकी सबसे बड़ी पहचान किसी पद या उपलब्धि से नहीं, बल्कि उनकी सहजता, विनम्रता और मानवीय संवेदनाओं से थी। उनसे मिलने वाला प्रत्येक व्यक्ति उनके मधुर व्यवहार और आत्मीयता को महसूस करता था। ऊंचे पद पर रहने के बावजूद उनके व्यक्तित्व में कभी अहंकार दिखाई नहीं दिया। वे हर व्यक्ति से बड़ी सहजता से मिलते और जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते थे।
मुंबई में रहने वाले प्रवासी ओड़िया समुदाय के लिए श्री त्रिपाठी एक परिचित और अत्यंत सम्मानित नाम थे। सामाजिक सेवा, परोपकार और सामुदायिक गतिविधियों के प्रति उनका समर्पण लंबे समय तक याद किया जाएगा। विशेष रूप से बॉम्बे ओड़िया विमेन्स एसोसिएशन (BOWA) के विकास और उसकी गतिविधियों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्हें संस्था की प्रमुख प्रेरक शक्तियों और आधारस्तंभों में माना जाता था।
मुंबई में आयोजित होने वाले ओड़िया नाटकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी उनका निरंतर प्रोत्साहन मिलता रहा। ओड़िया कलाकारों द्वारा प्रस्तुत इन नाटकों को ओड़िया पत्रिका ‘तापोई’ में स्थान मिलता था। इस प्रकार श्री त्रिपाठी ने प्रवासी समाज के बीच ओड़िया भाषा, साहित्य, कला और संस्कृति को जीवित रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उनकी पत्नी डॉ. (श्रीमती) काननिका त्रिपाठी द्वारा किए जा रहे विभिन्न सामाजिक एवं जनकल्याणकारी कार्यों के पीछे भी श्री त्रिपाठी का निरंतर प्रोत्साहन और सहयोग रहा। मुंबई में बेहतर भविष्य की तलाश में आने वाले अनेक लोगों के लिए वे सहयोग और संवेदना के स्रोत बने रहे।
श्री त्रिपाठी का निधन रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व के दिन हुआ। संयोगवश, जिस दिन भाई-बहन के पवित्र प्रेम और आत्मीय रिश्ते का उत्सव मनाया जाता है, उसी दिन एक ऐसे व्यक्ति ने संसार से विदा ली, जिसने अपने पूरे जीवन में रिश्तों, समाज और मानवीय मूल्यों को महत्व दिया। यह संयोग उनके परिचितों और शुभचिंतकों के लिए अत्यंत भावुक कर देने वाला है।
उनके निधन से मुंबई और नवी मुंबई के ओड़िया समाज में गहरा शोक है। उन्होंने अपने पीछे केवल उपलब्धियों की विरासत नहीं छोड़ी, बल्कि सहयोग, सेवा, विनम्रता और इंसानियत की ऐसी विरासत छोड़ी है, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी।
परिवार के अनुसार उनकी अंतिम यात्रा 30 अगस्त 2026 (रविवार) को सुबह 11 बजे करावे श्मशान भूमि, सेक्टर-36, सीवुड्स, नवी मुंबई से होगी।
उनकी स्मृति में श्रद्धांजलि एवं प्रार्थना सभा 31 अगस्त 2026 (सोमवार) को शाम 4 बजे से 7 बजे तक फिटनेस सेंटर, वनश्री सीएचएस, सेक्टर-58-ए, नेरुल, नवी मुंबई में आयोजित की जाएगी।
प्रवासी ओड़िया समाज, उनके मित्रों, शुभचिंतकों एवं प्रशंसकों से इस प्रार्थना सभा में उपस्थित होकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अनुरोध किया गया है।
श्री गोपालचंद्र त्रिपाठी हमारे बीच भले ही नहीं रहे, लेकिन उनका मधुर व्यवहार, उनकी मुस्कान, उनका सहयोग और समाज के प्रति उनकी निःस्वार्थ भावना हमेशा लोगों के हृदय में जीवित रहेगी।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति।

